यह जो प्यार का सिलसिला चल रहा है धीरे-धीरे इसे परवान चढ़ने दो खो जाएंगे एक दूजे के दीदार में
अब दिल नहीं करता किसी से दिल लगाए जिधर भी मेरे चाहतों ने इशारा किया हकीकत सुनकर मेरा मन दुखी हो गया जब यह मालूम हुआ पहले से उसकी सेटिंग कहीं और चल रही है
हिन्दी मस्त शायरी
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