यह आंखें तरसती है तुम्हारे दीदार को जिस दिन मेरे चाहतों से रूबरू हो जाओगी यह मेरा दावा है मुझे हद से ज्यादा प्यार करना शुरू कर दोगी
वह आजकल अंगड़ाइयां लेती है इस तरह मेरे मन और दिल का करार चुराने लगी है धीरे-धीरे उसके ख्वाबों ख्यालों में खोने लगा हूं
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